Sunday, 24 June 2018

अन्य समाजोपयोगी कार्यों का सञ्चालन भी अनाज बैंक द्वारा किया जायेगा

अनाज बैंक से लाभार्थी महिलाएं अपने आपको कमजोर, असहाय महसूस न करें। यह बैंक उनको अनाज के रूप में मदद करने के साथ-साथ उनको स्वावलंबी बनाने की दिशा में भी प्रयासरत है। इस सम्बन्ध में कई समाजसेवी लोगों से बातचीत हो रही है जो समय-समय पर विभिन्न कार्यों में आप महिलाओं को प्रशिक्षित करेंगे, इससे एक तो आपकी आय भी बढ़ेगी और आत्मविश्वास भी आएगा। ये विचार बुन्देलखण्ड के पहले अनाज बैंक की महाप्रबंधक डॉ० अमिता सिंह ने जोनल कार्यालय, उरई में जून माह के दूसरे वितरण कार्यक्रम में 24 जून 2018 को व्यक्त किये। उनका कहना था कि समाज से बहुत से लोग बराबर अनाज बैंक से जुड़ रहे हैं, इसके बाद भी और जागरूक लोगों का बैंक से जुड़ना अपेक्षित है।


अनाज वितरण में सहयोगी रहे सामाजिक कार्यकर्त्ता डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा कि अनाज बैंक पूरी जिम्मेवारी से अपना काम कर रहा है। बिना किसी सरकारी सहायता के गणमान्य नागरिकों के सहयोग से यह पुनीत कार्य सतत संचालित है। उन्होंने कहा कि भविष्य में अनाज वितरण के अतिरिक्त अन्य समाजोपयोगी कार्यों का सञ्चालन भी अनाज बैंक द्वारा किया जायेगा, जिसमें इसकी लाभार्थी महिलाओं की सहभागिता रहेगी। 


आज के वितरण में साठ से अधिक लाभार्थी महिलाएं उपस्थित रहीं। इस अवसर पर धर्मेन्द्र, मनोज के अतिरिक्त सुशीला, अनीता, रामकुंवर, नसरीन, जगरानी, रामरती, रामदेवी आदि लाभार्थी महिलायें उपस्थित रहीं। जुलाई माह का पहला अनाज वितरण 08 तारीख, रविवार को प्रातः 9 बजे होगा।



अनाज वितरण - जून 2018 (2) - चित्र

वितरण करती अनाज बैंक, बुन्देलखण्ड ज़ोन महाप्रबंधक डॉ० अमिता सिंह 







उपस्थित लाभार्थी महिलाएं 


अनाज वितरण - जून 2018 (1) - चित्र

वितरण करते पूर्व प्राचार्य डॉ० राकेश द्विवेदी 


वितरण करते आरसेटी के रोहित त्रिपाठी 


उपस्थित लाभार्थी महिलाएं 


उपस्थिति दर्ज करवाने में मदद करते धर्मेन्द्र 



वितरण करते अधिवक्ता शिवेश सिंह 


वितरण करते सामाजिक कार्यकर्त्ता मनोज 


उपस्थित नागरिक 


Saturday, 26 May 2018

पारिवारिक शुभ आयोजनों पर करें सामाजिक कार्य


विश्व के पहले अनाज बैंक के संस्थापक और चेयरमैन डॉ० राजीव श्रीवास्तव की प्रेरणा से डॉ० अमिता सिंह के निर्देशन में बुन्देलखण्ड का पहला अनाज बैंक उरई में विगत नवम्बर से संचालित है। अनाज बैंक के जोनल कार्यालय, उरई में मई माह का दूसरा वितरण संपन्न हुआ। इस वितरण को डॉ० आर० पी० तिवारी, पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी तथा डॉ० कामना तिवारी, पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से संपन्न किया गया। इस अवसर पर डॉ० आर० पी० तिवारी ने कहा कि अनाज बैंक का उद्देश्य बहुत ही पावन है और आज जिस उद्देश्य से यह वितरण किया जा रहा है वह और भी सुखद है। ख़ुशी का अवसर यह है कि जिन अनिला सिंह राणावत की स्मृति में उरई में अनाज बैंक संचालित है आज उनके पुत्र पौरिक सिंह का जन्मदिन है। उससे बढ़कर सुखद एहसास की बात यह है कि डॉ० अमिता सिंह ने जन्मदिन के इस अवसर पर किसी अन्य रूप में व्यय करने से बेहतर अनाज वितरण में व्यय करना समझा। निश्चित ही इतनी महिलाओं का आशीर्वाद पौरिक को सफलता, ख़ुशी प्रदान करेगा। हम सभी को भी अपने परिवार में होने वाले ऐसे अवसरों पर सामाजिकता के नाते कुछ सहायतार्थ कार्य करने चाहिए।  



इस अवसर पर डॉ० कामना तिवारी ने कहा कि महिलाओं को समझाया कि वे लोग अपने आपको कमजोर, असहाय महसूस न करें। अनाज बैंक से उनको अनाज एक मदद के रूप में भले ही मिल रहा हो किन्तु वे खुद को स्वावलंबी बनाने की दिशा में भी प्रयासरत रहें। जो भी महिलाएं किसी कार्य को करने में सक्षम हैं वे उसी को और अच्छी तरह से करने का प्रयास करें। जो महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, अचार-पापड़ आदि बनाने का कार्य कुशलता से कर लेती हैं, वे उसके लिए अनाज बैंक की सहायता ले सकती हैं। 

अपने जन्मदिन पर पौरिक सिंह ने भी वितरण में सहयोग कर सभी का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रजभूषण सिंह मुन्नू ने भी अनाज वितरण में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि अनाज बैंक द्वारा जिस तरह का कार्य बुन्देलखण्ड में आरम्भ किया गया है, वह अवश्य ही दूसरों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। प्रत्येक वितरण में समाज के बहुत से गणमान्य लोगों का सहयोग रहता है किन्तु यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि आज जन्मदिन के अवसर पर होने वाले वितरण का दायित्व डॉ० अमिता सिंह के द्वारा निर्वहन किया गया। इस तरह से भी सहायता करके समाज में वंचित लोगों को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया जा रहा है।  


बुन्देलखण्ड के पहले अनाज बैंक की बुन्देलखण्ड जोन की महाप्रबंधक डॉ० अमिता सिंह ने कहा कि आज अपने भतीजे के जन्मदिन पर इस वितरण को करवाने का उद्देश्य सिर्फ यही है कि हम सभी लोग इससे प्रेरित होकर आगे आकर अनाज बैंक से जुड़ें। घर-परिवार में पड़ने वाले जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ अथवा किसी अन्य सुखद मौके पर वितरण के द्वारा मजबूर, गरीबों की सहायता कर सकते हैं।  
इस अवसर पर शशि सोमेन्द्र सिंह, उर्वशी, रचना मिश्रा, आरती दुबे, वंदना श्रीवास्तव, अभिलाषा यादव, विनीता पाण्डेय, राजेश मिश्रा, उपेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र कुमार, डॉ० अनुज भदौरिया, गणेश शंकर त्रिपाठी, डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर, सर्वेश सिंह सहित किरण, बबीता, कमला, रानी, बतुलन, नसरीन, जगरानी, मदीना, रामरती आदि लाभार्थी महिलायें उपस्थित रहीं। जून माह का पहला अनाज वितरण 10 तारीख को प्रातः 9 बजे होगा।

अनाज वितरण - मई 2018 (2) - चित्र

डॉ० आर०पी० तिवारी, डॉ० कामना तिवारी (सीएमओ द्वय) एवं डॉ० अमिता सिंह 

वितरण करते डॉ० आर०पी० तिवारी 


हस्ताक्षर कर साक्षर होने का प्रमाण देती महिला 

वितरण करती डॉ० कामना तिवारी 


वृद्ध महिला की मदद करते धर्मेन्द्र 

अनाज बैंक के सहयोगीजन 

वितरण करते ब्रजभूषण सिंह 'मुन्नू'

उपेन्द्र सिंह 

राजेश मिश्रा 

आरती दुबे 

हस्ताक्षर करती वृद्ध महिला 

पौरिक सिंह राणावत, जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ वितरण 


अनाज बैंक के सहयोगीजन 

Friday, 11 May 2018

मई माह का पहला अनाज वितरण कार्यक्रम संपन्न


विगत छह माह से सफलतापूर्वक तरीके से संचालित बुन्देलखण्ड के पहले अनाज बैंक के जोनल कार्यालय, उरई में मई माह का पहला वितरण संपन्न हुआ। इस वितरण को कुँवर मानवेन्द्र सिंह, पूर्व सभापति, विधान परिषद्, उ०प्र० तथा डॉ० आदित्य कुमार, पूर्व प्राचार्य, डीवी कॉलेज, उरई के द्वारा संयुक्त रूप से संपन्न किया गया। विश्व के पहले अनाज बैंक के संस्थापक और चेयरमैन डॉ० राजीव श्रीवास्तव की प्रेरणा से डॉ० अमिता सिंह के निर्देशन में संचालित अनाज बैंक द्वारा नगर की असहाय, मजबूर महिलाओं को माह में दो बार अनाज वितरण किया जाता है। इस माह के पहले वितरण में लगभग साठ महिलाओं को इसका लाभ मिला। 


इस अवसर पर कुँवर मानवेन्द्र सिंह ने उपस्थित लाभार्थी महिलाओं को समझाया कि वे लोग अपने आपको कमजोर, असहाय महसूस न करें। अनाज बैंक के रूप में एक मंच उनके साथ है जो उनको अनाज के साथ-साथ स्वावलंबी बनाने की दिशा में भी प्रयासरत है। जो भी महिलाएं किसी कार्य को करने में सक्षम हैं वे उसी को और अच्छी तरह से करने का प्रयास करें। आप सबमें अवश्य ही कोई न कोई प्रतिभा छिपी हुई है, बस वह परिस्थितियों के चलते सामने नहीं आ सकी है। बहुत सी महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, अचार-पापड़ आदि बनाने का कार्य कुशलता से कर लेती हैं। अनाज बैंक का जोनल कार्यालय आपको इसमें मदद करेगा। इससे एक तो आपकी आय के दूसरे स्त्रोत तैयार होंगे तथा आप सबमें आत्मनिर्भरता आएगी।  


डीवी कॉलेज, उरई के पूर्व प्राचार्य डॉ० आदित्य कुमार ने वितरण पश्चात् वहाँ उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अनाज बैंक द्वारा जिस तरह का कार्य बुन्देलखण्ड में आरम्भ किया गया है, वह अवश्य ही दूसरों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। अनाज वितरण के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की जो सोच यहाँ देखने को मिली है, उससे विश्वास है कि सक्षम महिलायें आत्मनिर्भर बनेंगी साथ ही आने वाली पीढ़ी को भी आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगी। 


बुन्देलखण्ड के पहले अनाज बैंक की बुन्देलखण्ड जोन की महाप्रबंधक डॉ० अमिता सिंह ने उपस्थित लाभार्थी महिलाओं को वहां संचालित होने वाले सिलाई प्रशिक्षण में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने को प्रोत्साहित किया। उनका कहना था कि यहाँ जल्द ही महिलाओं को प्रशिक्षित करके कपड़े के लिफाफे, झोले आदि बनवाकर बाजार में बिक्री हेतु भेजा जायेगा। इससे महिलाओं को आर्थिक मदद भी मिल सकेगी। इसके साथ-साथ उन्होंने लाभार्थी महिलाओं से अपील की कि जो महिलाएं सक्षम हैं वे कार्य करने को भी आगे आयें, जिससे आपके भीतर आत्मविश्वास पैदा हो सके। अनाज वितरण के द्वारा किसी को भूखा न सोने देने के साथ-साथ एक छोटा सा प्रयास ऐसी महिलाओं को एक मंच पर लाना भी इसका उद्देश्य है।


अनाज बैंक की स्वावलंबन सम्बन्धी योजना के अंतर्गत महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई सिखाने की व्यवस्था भी कार्यालय पर की गई है। यहाँ महिलाओं को प्रशिक्षण देने के बाद उनके बनाये गए वस्त्रों को बाजार तक भी पहुँचाया जायेगा। इससे इन महिलाओं में स्वावलंबन की भावना का विकास होगा। अनाज बैंक का उद्देश्य इन महिलाओं को सिर्फ अनाज देना भर नहीं है वरन उनको आत्मनिर्भर भी बनाना है। 


इस अवसर पर इंदु सक्सेना, धर्मेन्द्र कुमार, सुभाष चंद्रा, गणेश शंकर त्रिपाठी, सर्वेश सिंह, गिरिजा महिला बाल विकास संस्थान की संचालिका विनीता पाण्डेय, सन्देश ओर्गनाइजेशन से संजना श्रीवास्तव सहित उर्मिला, परवीन, रोशन बेगम, धनकुँवर, चमेली, बेटीबाई, नसरीन, रामकुंवर, पानकुंवर, बबीता आदि लाभार्थी महिलायें उपस्थित रहीं। मई माह का दूसरा अनाज वितरण 23 तारीख को प्रातः 10 बजे से किया जायेगा।